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BSSC Biology Previous Year Questions with Explain (Post 08)

BIOLOGY (जीव विज्ञान)

 

176. अपने मोबाइल फोन तक पहुँच नहीं हो पाने (एक्सेस खोने) का डर कहलाता है :

(A) नोमोफोबिया

(B) मोनोफोबिया

(C) सीनोफोबिया

(D) यूफोबिया

Ans: (A) नोमोफोबिया

(BSSC Inter Level परीक्षा, 29.01.2017)

Explanation: नोमोफोबिया मोबाइल फोन कॉन्टैक्ट से बाहर होने के भय के लिए प्रस्तावित एक नाम है। सामान्य शब्दों में, यह मोबाइल फोन पहुँच से बाहर होने का डर है। संक्षिप्त शब्द “नो मोबाइल फोन फोबिया” की खोज 2008 में ग्रेट ब्रिटेन के डाक विभाग द्वारा एक अध्ययन के दौरान की गई थी। इस विभाग ने मोबाइल फोन यूजर्स की चिंताओं पर ध्यान देने के लिए एक अनुसंधान संगठन की स्थापना की थी।

177. लाइपेज द्वारा वसा के जलीय अपघटन पर मिलता है :

(A) वसीय अम्ल और अमीनो अम्ल

(B) वसीय अम्ल और ग्लिसरॉल

(C) ग्लिसरॉल और अमीनो अम्ल

(D) ग्लिसरॉल और अल्कोहल

Ans: (B) वसीय अम्ल और ग्लिसरॉल

(BSSC Inter Level परीक्षा, 29.01.2017)

Explanation: लाइपेज द्वारा वसा के जल-अपघटन से वसीय अम्ल और ग्लिसरोल उत्पन्न होता है। मनुष्यों में, वसा का पाचन पायसीकरण के साथ आरंभ होता है और क्षुद्रांत्र (इलीय) में समाप्त होता है जहाँ पाचित वसा को वसीय अम्ल के रूप में अवशोषित कर लिया जाता है और ग्लिसरोल को अन्तत: लैक्टिल में अवशोषित कर लिया जाता है।

178. यह एक संग्रथित फल है :

(A) शहतूत

(B) स्ट्रॉबेरी

(C) शरीफा

(D) लीची

Ans: (A) शहतूत

(BSSC Inter Level परीक्षा, 29.01.2017)

Explanation: बहुल या संग्रथित फल फूलों के समूह (जिसे पुष्पपुंज कहते हैं) से निर्मित एक फल है। प्रत्येक फूल एक फल उत्पन्न करता है, लेकिन ये एक समूह में परिपक्व होते हैं। उदाहरण के लिए अनानास, अंजीर, शहतूत, ओसिज-ऑरेंज और ब्रेडफ्रूट।

179. यदि दोनों जनकों का रुधिर वर्ग AB हो, तो उनके बच्चों के संभावित रुधिर वर्ग होंगे :

(A) A, B, AB और O

(B) A, B और AB

(C) A और B

(D) A, B और O

Ans: (B) A, B और AB

(BSSC Inter Level परीक्षा, 29.01.2017)

Explanation: यदि माता-पिता दोनों का रक्त समूह AB है तो बच्चों का संभावित रक्त समूह है:

A B
A AA AB
B AB BB

इस प्रकार, संभावित रक्त समूह A, B और AB होगा।

180. भूख लगने पर कोई व्यक्ति सर्वप्रथम उपयोग करता है अपनी :

(A) ग्लाइकोजेन

(B) वसा

(C) रुधिर प्रोटीन

(D) पेशी प्रोटीन

Ans: (A) ग्लाइकोजेन

(BSSC Inter Level परीक्षा, 29.01.2017)

Explanation: एक व्यक्ति भूख लगने पर सर्वप्रथम अपने ग्लाइकोजेन का प्रयोग करता है। यह संचित भोजन के रूप में यकृत में उपस्थित रहता है। यह शरीर की आवश्यकताओं की पूर्ति के लिए हार्मोन ग्लुकेजन की उपस्थिति में शीघ्रता से ग्लूकोज में परिवर्तित हो जाता है।

181. यह एक प्रोटीन नहीं है :

(A) कोलेजन

(B) इलास्टीन

(C) रेशम

(D) लिम्फोसाइट

Ans: (D) लिम्फोसाइट

(BSSC Inter Level परीक्षा, 29.01.2017)

Explanation: लसीकाणु (Lymphocyte) एक प्रोटीन नहीं है, लेकिन श्वेत रक्त कण का एक प्रकार है जो प्रतिरक्षा को प्रोत्साहन देने हेतु प्रतिपिण्डों (एंटीबॉडीज) को उत्पन्न करने के लिए उत्तरदायी है।

182. यह आयन रुधिर प्लाज्मा में उपस्थित नहीं होता :

(A) Na+

(B) Ca++

(C) Mg++

(D) Cu++

Ans: (D) Cu++

(BSSC Inter Level परीक्षा, 29.01.2017)

Explanation: Cu++ वह आयन है जो रक्त प्लाज्मा में उपस्थित नहीं होता। यदि यह आयन रक्त में उपस्थित रहता तो रक्त का रंग नीला होता।

183. इसकी पोषण विधि होलोफाइटिक है :

(A) अमीबा

(B) शेर

(C) युग्लीना

(D) केंचुआ

Ans: (C) युग्लीना

(BSSC Inter Level परीक्षा, 29.01.2017)

Explanation: होलोफाइटिक न्यूट्रिशन (पादपसंय): यह स्वपोषी पोषण के समान है जिसमें कार्बनिक कच्ची सामग्रियों को सौर ऊर्जा की सहायता से कार्बनिक अवस्था में परिवर्तित करने के लिए बाहर से प्राप्त किया जाता है। इस प्रकार का पोषण युग्लिना में पाया जाता है।

184. यह स्टेरॉय स्त्रावित करता है :

(A) मुख गुहा

(B) आमाशय

(C) अग्न्याशय

(D) पित्ताशय

Ans: (C) अग्न्याशय

(BSSC Inter Level परीक्षा, 29.01.2017)

Explanation: अग्न्याशय हार्मोन के रूप में स्टेरॉयड स्रावित करता है इसके बावजूद पेप्टाइड हार्मोन द्वारा इन्सुलिन स्रावित किया जाता है।

185. यह श्वसन श्रृंखला का उपयोग कर पादप कोशिकाओं में ऊर्जा का उत्पाद करता है :

(A) केन्द्रक

(B) माइटोकॉन्ड्रिया

(C) राइबोसोम

(D) हरित लवक

Ans: (B) माइटोकॉन्ड्रिया

(BSSC Inter Level परीक्षा, 29.01.2017)

Explanation: माइटोकॉण्ड्रिया कोशिकीय श्वसन स्थल है जहाँ क्रेब चक्र और इलेक्ट्रॉन को वहन करने वाली श्रृंखला एटीपी के रूप में ऊर्जा उत्पन्न करने हेतु घटित होती है।

186. विषाणुओं में होता है :

(A) केवल DNA

(B) केवल RNA

(C) RNA और DNA दोनों

(D) या तो RNA या DNA

Ans: (D) या तो RNA या DNA

(BSSC Inter Level परीक्षा, 29.01.2017)

Explanation: वायरस में RNA या DNA दोनों में से कोई एक होता है। एचआईवी वायरस और पोलियो वायरस में RNA होता है क्योंकि आनुवंशिक मटीरियल रेट्रोवायरस कहलाता है।

187. एक पायस में परिक्षिप्त कणों का आकार इस परास में होता है :

(A) 100 Å-1000 Å

(B) 10 Å-10000 Å

(C) 1000 Å 10,000 Å

(D) > 10,000 Å

Ans: (B) 10 Å-10000 Å

(BSSC Inter Level परीक्षा, 29.01.2017)

Explanation: एक पायस (कोलाइड) में परिक्षिप्त/बिखरे कणों का आकार 1 और 1000 नैनोमीटर अर्थात् 10Å – 10000Å की रेंज में होता है।

188. विकर मूलतः होते हैं :

(A) वसा

(B) शर्करा

(C) प्रोटीन

(D) विटामिन

Ans: (C) प्रोटीन

(BSSC Inter Level परीक्षा, 05.02.2017)

Explanation: विकर मूलतः प्रोटीन होता है। विकर बहुत सारे पौधों में पाए जाते हैं जैसे- रीड्स (Reeds) में, घासें (बांस भी शामिल), लताएं (creeper) (Rattan (ड्राम जैसी) शामिल) और पतले शाखा वाले पौधे (सामान्यत: विलो (willow)) इसका प्रयोग फर्नीचर की बुनाई में किया जाता है।

189. मायोपिया के रोगी को इसके निवारण के लिए चाहिए होता है :

(A) अवतल लेंस

(B) उत्तल लेंस

(C) उभयोत्तल लेंस

(D) लेंस प्रत्यारोपण

Ans: (A) अवतल लेंस

(BSSC Inter Level परीक्षा, 05.02.2017)

Explanation: निकट दृष्टि दोष (Short Sightedness or Myopia) – जिस नेत्र में निकट-दृष्टि दोष होता है वह दूर स्थित वस्तुओं को स्पष्ट नहीं देख सकता है। उसके लिए दूर-बिंदु (जो सामान्य आँख के लिए अनंत दूरी पर होता है) अनंत न होकर नेत्र के निकट कोई बिंदु फोकस पर होता है। इस दोष के कारण लेंस की गोलाई बढ़ जाती है, लेंस की फोकस दूरी घट जाती है, और लेंस की क्षमता बढ़ जाती है। इस कारण वस्तु का प्रतिबिम्ब रेटिना पर न बनकर रेटिना के आगे बन जाता है। इस दोष को दूर करने के लिए जिस चश्मे का व्यवहार किया जाता है उसका लेंस अपसारी (diverging) या अवतल (Concave) होता है। दूर से आने वाली समांतर किरणें पहले अवतल लेंस से अपसारित होकर और फिर नेत्र-लेंस से अभिसारित होकर रेटिना पर फोकस हो जाती है और इस प्रकार नेत्र बहुत दूर (अनंत) पर स्थित वस्तु को स्पष्ट देख पाता है।

190. हल्दी पौधे के इस भाग से प्राप्त होती है :

(A) तना

(B) जड़

(C) फल

(D) फूल

Ans: (A) तना

(BSSC Inter Level परीक्षा, 05.02.2017)

Explanation: हल्दी शाक के जिंजर फैमिली (zingiberacee) का सदस्य है जो Curcuma longa पौधे के भूमिगत तने “प्रकन्द (Rhizome)” से प्राप्त होता है। हल्दी का प्रकन्द कुछ पीलापन नारंगी गांठदार रसदार तना (Yellowish orange tuberous juicy stem) होता है। प्रकन्द का बाहरी हिस्सा पीलापन भूरा (Yellowish brown) रंग से ढका होता है।

191. श्वेत रक्त कणिकाएँ कितने प्रकार की होती है ?

(A) 3

(B) 4

(C) 5

(D) 6

Ans: (C) 5

(BSSC Inter Level परीक्षा, 05.02.2017)

Explanation: श्वेत रुधिर कणिकाएँ (WBC) को मुख्यतः 5 भागों में बाँटा जाता है – (i) न्यूट्रोफिल (Neutrophil), (ii) लिम्फोसाइट (Lymphocytes), (iii) मोनोसाइट (Monocytes), (iv) इओसिनोफिल (Eosinophils), (v) बेसोफिल (Basophils)। WBC को ल्यूकोसाइट (leucocytes) भी कहते हैं। ये अनियमित आकृति की केन्द्रकयुक्त तथा हीमोग्लोबिन रहित होती हैं। इसकी संख्या RBC से कम होती है। श्वेत रुधिर कणिकाएँ बाहरी पदार्थों और बहुत सारे इंफेक्टेड से बचाता है।

192. लसिका इसमें उपस्थित होती है :

(A) संवहन ऊतक

(B) उपास्थि

(C) शल्की ऊतक

(D) तांत्रिका तन्तु

Ans: (A) संवहन ऊतक

(BSSC Inter Level परीक्षा, 05.02.2017)

Explanation: लसिका (lymph) एक संयोजी ऊतक है जो प्लाज्मा और सिर्फ एक प्रकार का श्वेत रक्त कोशिका (WBC) है। कोशिकाओं के चारों ओर द्रव की एक पतली परत होती है जिन्हें ऊतक द्रव (Tissue Fluid) कहते हैं। रुधिर एवं कोशिकाओं के मध्य होने वाले पदार्थों का आदान-प्रदान इसी ऊतक द्रव के माध्यम से होता है। वास्तव में रुधिर कोशिकाओं से पदार्थ जैसे- भोजन, ऑक्सीजन आदि सबसे पहले इसी ऊतक द्रव में विसरित होते हैं और तब ऊतक द्रव से कोशिकाओं में। इसी प्रकार कोशिकाओं से पदार्थ जैसे – CO2, यूरिया आदि इसी ऊतक द्रव में विसरित होते हैं, फिर इस द्रव से रुधिर कोशिकाओं में। यह ऊतक द्रव वाहिनियों में एकत्रित होता है। वाहिनियों में एकत्रित होने के बाद इसे लसिका कहते हैं।
जन्तु ऊतक
A. एपिथीलियल
* स्क्वामश
* क्युबोइडल
* कॉलुमनर
* ग्लैंड्युलर
* सिलिएटेड
B कनेक्टिव
* एरिओलार
* एडिपोज
* कार्टिलेज
* बोन
* टेन्डन
* लिगामेन्ट
* ब्लड
* लिम्फ
C मस्क्यूलर
* स्ट्रेटेड
* नॉन-स्ट्रेटेड
* कार्डिएक
D नर्वस

193. पीलिया रोग में रुधिर में निम्न की मात्रा बढ़ जाती है :

(A) बिलिरुवीन

(B) हीमोग्लोबीन

(C) बाइल अम्ल

(D) पाइरूविक अम्ल

Ans: (A) बिलिरुवीन

(BSSC Inter Level परीक्षा, 05.02.2017)

Explanation: हिपैटाइटीस या पीलिया या जॉन्डिस (Jaundice) एक यकृत रोग है, जिसमें रक्त में पित्त वर्णक (Bile pigment) अधिक मात्रा में चला आता है। इसमें त्वचा पीले रंग की तथा आँखें भी पीले रंग की हो जाती हैं। इसमें बिलीरुबीन (Bilirubin) की मात्रा बढ़ जाती है। बिलीरुबीन का स्तर 1.0 mg/dL (17 μmol/L) के नीचे होना चाहिए। पीलिया में 2-3 mg/dL (34-51 μmol/L) ज्यादा खतरनाक होता है।

194. कौन सबसे बड़ी ग्रंथि है ?

(A) अग्नाशय

(B) यकृत

C) फेफड़ा

(D) वृक्क

Ans: (B) यकृत

(BSSC Inter Level परीक्षा, 05.02.2017)

Explanation: मानव शरीर की सबसे बड़ी ग्रंथि यकृत (Liver) है। जबकि शरीर की सबसे बड़ी अन्तःस्रावी ग्रंथि (Endocrine Gland) अवटु ग्रंथि (Thyroid Gland) है। यकृत शरीर का लंबा आंतरिक अंग है। यकृत लगभग 15 से 22 सेमी. लम्बा एवं चौड़ा तथा भार (Weight) में लगभग 1.5 किग्रा. होता है। यकृत एक प्रमुख पाचक ग्रंथि है जो कि कार्बोहाइड्रेट उपापचय, वसा उपापचय, पित्त का स्रावण इत्यादि कार्य करती है।

195. यह सैग्यूवोरस होते हैं :

(A) सर्प

(B) केंचुआ

(C) कॉकरोच

(D) मच्छर

Ans: (D) मच्छर

(BSSC Inter Level परीक्षा, 05.02.2017)

Explanation:  सैन्युवोरस (Sanguivorous) वैसा जीव होता है जो अपना जीवन पोषण रक्त (blood) से करता है। इसके कुछ उदाहरण हैं – लीच (leeches), उल्लू (bats), मच्छर (Mosquito) नर मच्छर अपना जीवन फूलों (Flowers) और स्वीट जूस पर बिताते हैं जबकि मादा मच्छर रक्त (blood) पर अंडे का विकास करती है। अगर इनको लगातार रक्त न मिले तो इनकी प्रजनन क्षमता कम हो जाती है।

196. कौन मास्टर ग्रंथि कहलाती है ?

(A) थायरॉइड

(B) पीयूष

(C) एड्रीनल

(D) अग्नाशय

Ans: (B) पीयूष

(BSSC Inter Level परीक्षा, 05.02.2017)

Explanation: पीयूष ग्रन्थि (Pituitary gland) को मास्टर ग्रन्थि कहा जाता है क्योंकि यह अन्य अन्तः स्रावी ग्रन्थि के स्रावण को नियंत्रित करती है। साथ-ही-साथ यह व्यक्ति के स्वभाव, स्वास्थ्य, वृद्धि एवं लैंगिक विकास को भी प्रेरित करती है। इसका भार 0.6 ग्राम होता है। यह कपाल (Skull) की स्फेनॉयड (Sphenoid) हड्डी में सेलाटर्सिका (Sellaturcica) नामक गड्ढे में रहती है। यह तालु (Palante) एवं मस्तिष्क के अधरतुल के मध्य स्थित रहती है। स्त्रियों में गर्भावस्था के दौरान यह कुछ बड़ी हो जाती है।

197. यह विटामिन टॉकोफेरॉल होता है :

(A) A

(B) B

(C) D

(D) E

Ans: (D) E

(BSSC Inter Level परीक्षा, 05.02.2017)

Explanation: टोकोफेरॉल (Tocopherol) विटामिन E को कहा जाता है। इसका मुख्य स्रोत पत्ती वाली सब्जियाँ, दूध, मक्खन, अंकुरित गेहूँ, वनस्पति तेल आदि है। इसका कार्य सामान्य प्रजनन के लिए आवश्यक होता है। इसकी कमी से जनन शक्ति कम हो जाती है। टोकोफेरॉल और टोकोट्राईनॉल वसा में घुलनशील हैं।

198. यह अपनी सामाजिक व्यवस्था के लिए प्रसिद्ध है :

(A) गाय

(B) सूअर

(C) मधुमक्खी

(D) मछलियाँ

Ans: (C) मधुमक्खी

(BSSC Inter Level परीक्षा, 05.02.2017)

Explanation: मधुमक्खियाँ (Honey bees) सामाजिक कीट (insects) हैं जिसका मतलब है कि वे एक साथ बड़ी संख्या में और संगठित परिवार की तरह रहती हैं। ये तीन प्रकार की होती हैं वर्कर, ड्रोनस और एक रानी। हजारों की संख्या में वर्कर मधुमक्खी अपना छत्ता तैयार करती है और भोजन एकत्रित करती है। प्रत्येक सदस्य को एक टास्क का प्रदर्शन करना होता है।

199. नायलॉन इसके एकलकों के मध्य इस प्रकार का बंध है :

(A) आयोनिक

(B) कोमैलेन्ट

(C) एमाइड

(D) हाइड्रोजन

Ans: (C) एमाइड

(BSSC Inter Level परीक्षा, 05.02.2017)

Explanation: पेप्टाइड बंध को एमाइड बंध भी कहते हैं। यह नायलॉन में मोनोमर (एकलकों) के बीच पाया जाता है। नायलॉन कोपॉलीमर (Copolymer) होता है और यह एमीन (amine) और कार्बोक्सिल अम्ल के समान भागों जैसे मोनोमर (difunction) के प्रतिक्रिया द्वारा प्राप्त किया जाता है।

200. पादप जीवन में होने वाली निम्नलिखित घटनाओं के लिए कौन-सा सही क्रम है ?

i. फलन

ii. पुष्पन

iii. बीज अंकुरण

iv. बीजों का प्रकीर्णन

v. अंकुर

vi. कायिक वृद्धि

(A) (iii), (v), (vi), (ii), (i), (iv)

(B) (ii), (v), (vi), (1), (iv), (iii)

(C) (iii), (iv), (v), (vi), (i), (ii)

(D) (vi), (v), (iv), (iii), (ii), (i)

Ans: (A) (iii), (v), (vi), (ii), (i), (iv)

(BSSC चालक परीक्षा, 23.09.2018)

Explanation: बीज का निर्माण इस प्रकार से फल के अंदर होता है ताकि वो पूरे वातावरण में फैल सकें और नए पौधे के रूप में पनप सकें। इस प्रक्रिया को बीजांकुरण कहते हैं। बीज से अंकुर का पैदा होना सबसे प्रमुख प्रचलित उदाहरण है। वानस्पतिक वृद्धि पौधों की वृद्धि के ऐसे चरण को कहते हैं जो अंकुरण के बाद और पुष्पन के पूर्व होता है जिसके दौरान पौधों के अधिकांश पर्णसमूह विकसित होते हैं। इसके बाद पुष्पन और फल-विकास के चरण होते हैं। बीज का फैलना या बिखराव पुष्प के जीवन-चक्र का अंतिम चरण होता है। यह एक ऐसी प्रविधि है जिसके द्वारा पौधे के बीज अंकुरण हेतु नए स्थलों पर स्थानांतरित किये जाते हैं और उनसे नए पौधों का विकास होता है।

 

BSSC BIOLOGY (जीव विज्ञान) POST-07

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