environment question for all exams

ENVIRONMENT QUESTION FOR ALL EXAMS : पर्यावरण

 ENVIRONMENT (पर्यावरण)


 स्थलमंडल, जलमंडल एवं वायुमंडल

 

1. अध्ययन की सुविधा के लिए पृथ्वी को कितने मंडलों में बाँटा जाता है ?

(a) 2

(b) 3

(c) 5

(d) 7

Ans. (b) 3

Explain: पृथ्वी को मुख्य रूप से तीन भौतिक मंडलों में विभाजित किया गया है: स्थलमंडल, जलमंडल और वायुमंडल। इन तीनों के मिलन बिंदु को जैवमंडल कहा जाता है। अध्ययन की दृष्टि से यह त्रिमंडलीय वर्गीकरण पृथ्वी की संरचना और पर्यावरण को समझने का सबसे सरल आधार है।

2. पृथ्वी के मंडलों में शामिल हैं –

(a) स्थलमंडल, जलमंडल एवं जैवमंडल

(b) स्थलमंडल, जलमंडल एवं मेघमंडल

(c) स्थलमंडल, जलमंडल एवं ऋषिमंडल

(d) स्थलमंडल, जलमंडल एवं वायुमंडल

Ans. (d) स्थलमंडल, जलमंडल एवं वायुमंडल

Explain: पृथ्वी के प्रमुख भौतिक घटक स्थलमंडल (ठोस भाग), जलमंडल (जलीय भाग) और वायुमंडल (गैसीय भाग) हैं। ये तीनों मंडल मिलकर पृथ्वी के पर्यावरण का निर्माण करते हैं। इनके बीच की अंतःक्रिया से ही जीवन की अनुकूल परिस्थितियाँ विकसित होती हैं, जो जैवमंडल का आधार बनती हैं।

3. पृथ्वी के त्रिमंडलीय विभाजन में शामिल नहीं है –

(a) स्थलमंडल

(b) जलमंडल

(c) वायुमंडल

(d) जैवमंडल

Ans. (d) जैवमंडल

Explain: पृथ्वी के त्रिमंडलीय विभाजन में केवल निर्जीव भौतिक आधारों—स्थलमंडल, जलमंडल और वायुमंडल को रखा जाता है। जैवमंडल वह संकीर्ण क्षेत्र है जहाँ ये तीनों भौतिक मंडल मिलते हैं और जीवन को संभव बनाते हैं। अतः इसे त्रिमंडलीय संरचना से अलग माना जाता है।

4. स्थलमंडल, जलमंडल एवं वायुमंडल का वह उभयनिष्ठ हिस्सा जिसमें जीवन का अस्तित्व होता है, कहलाता है –

(a) स्थलमंडल

(b) जलमंडल

(c) वायुमंडल

(d) जैवमंडल

Ans. (d) जैवमंडल

Explain: जैवमंडल पृथ्वी का वह भाग है जहाँ स्थलमंडल, जलमंडल और वायुमंडल आपस में संपर्क करते हैं। यहीं समस्त जीवन पाया जाता है। यह क्षेत्र समुद्र तल से कुछ नीचे और वायुमंडल में कुछ किलोमीटर ऊपर तक विस्तृत है। जीवन की निरंतरता इसी मंडल पर निर्भर है।

5. स्थलमंडल के अध्ययन को कहा जाता है –

(a) जिओमार्फोलोजी

(b) ओशनोग्राफी

(c) क्लाइमेटोलोजी

(d) इकोलोजी

Ans. (a) जिओमार्फोलोजी

Explain: स्थलमंडल और उस पर मौजूद विभिन्न स्थलाकृतियों (जैसे पर्वत, पठार, मैदान) के अध्ययन को जिओमार्फोलोजी (भू-आकृति विज्ञान) कहते हैं। ओशनोग्राफी समुद्रों का, क्लाइमेटोलोजी जलवायु का और इकोलोजी जीवों व पर्यावरण के संबंधों का अध्ययन करती है। जिओमार्फोलोजी धरातलीय परिवर्तनों की व्याख्या करती है।

6. स्थलमंडल में शामिल किये जाते हैं –

(a) महाद्वीप

(b) सागरीय तल

(c) सिर्फ a

(d) a और b दोनों

Ans. (d) a और b दोनों

Explain: स्थलमंडल में न केवल महाद्वीपों का विशाल भूखंड शामिल है, बल्कि महासागरों के नीचे स्थित सागरीय तल या भूपर्पटी भी इसका हिस्सा है। यह पृथ्वी की सबसे ऊपरी ठोस परत है। इसकी मोटाई महाद्वीपों और महासागरों के नीचे अलग-अलग होती है।

7. पृथ्वी का स्थलमंडल है –

(a) पृथ्वी का कठोर और ऊपरी भाग

(b) पृथ्वी का जलीय भाग

(c) पृथ्वी का वायवीय भाग

(d) इनमें से कोई नहीं

Ans. (a) पृथ्वी का कठोर और ऊपरी भाग

Explain: पृथ्वी की सबसे ऊपरी और ठोस परत को स्थलमंडल (Lithosphere) कहा जाता है। यह विभिन्न प्रकार की चट्टानों और मिट्टी से बना होता है। यह परत महाद्वीपों और महासागरों की सतह का निर्माण करती है और जीवों को आधार प्रदान करती है।

8. स्थलमंडल का तात्पर्य है –

(a) पृथ्वी का आंतरिक भाग

(b) पृथ्वी का मध्यवर्ती भाग

(c) पृथ्वी का ऊपरी भाग

(d) पृथ्वी का बाह्य भूपर्पटी

Ans. (d) पृथ्वी का बाह्य भूपर्पटी

Explain: स्थलमंडल का अर्थ पृथ्वी की बाह्य भूपर्पटी (Crust) और ऊपरी मैंटल के ठोस भाग से है। यह पृथ्वी की सबसे बाहरी परत है जिस पर हम रहते हैं। यह परत विभिन्न विवर्तनिक प्लेटों में विभाजित है जो लगातार धीमी गति से खिसकती रहती हैं।

9. स्थलमंडल से संबंधित है –

(a) केवल ऊपरी भूभाग

(b) ऊपरी भूपटल तथा निचली भूपटल दोनों

(c) ऊपरी भूपटल, निचली भूपटल तथा मैंटल का ठोस ऊपरी भाग

Ans. (c) ऊपरी भूपटल, निचली भूपटल तथा मैंटल का ठोस ऊपरी भाग

Explain: वैज्ञानिक दृष्टि से स्थलमंडल में संपूर्ण भूपर्पटी (ऊपरी और निचली) तथा ऊपरी मैंटल का सबसे ऊपरी कठोर भाग शामिल होता है। इसकी गहराई लगभग 100 किलोमीटर तक मानी जाती है। यह भाग दुर्बलतामंडल (Asthenosphere) के ऊपर तैरता रहता है।

10. स्थलमंडल को क्षैतिजतः वर्गीकृत किया जाता है –

(a) विभिन्न विवर्तनिक प्लेटों (tectonic plates) में

(b) क्रस्ट (crust), मैन्टल (mantle) एवं कोर (core) में

(c) सियाल (Sial), सीमा (Sima) व निफे (Nife) में

(d) इनमें से कोई नहीं

Ans. (a) विभिन्न विवर्तनिक प्लेटों (tectonic plates) में

Explain: क्षैतिज रूप से स्थलमंडल कई बड़े और छोटे खंडों में टूटा हुआ है, जिन्हें विवर्तनिक प्लेटें कहते हैं। क्रस्ट, मैन्टल और कोर पृथ्वी का लंबवत (Vertical) वर्गीकरण है। ये प्लेटें ही महाद्वीपीय विस्थापन और भूकंप जैसी घटनाओं के लिए जिम्मेदार होती हैं।

11. वह प्रक्रिया जो पृथ्वी की ऊपरी सतह के भागों को खिसकाती, उभारती या निर्मित करती है, कहलाती है –

(a) पटल विरूपण

(b) अनाच्छादन

(c) अपक्षयण

(d) ज्वालामुखीयता

Ans. (a) पटल विरूपण

[SSC – 2020]

Explain: पटल विरूपण (Diastrophism) वह आंतरिक प्रक्रिया है जो पृथ्वी की ऊपरी सतह पर पर्वतों, पठारों और मैदानों का निर्माण करती है। इसमें वलन और भ्रंशन जैसी क्रियाएं शामिल होती हैं। यह एक धीमी गति से होने वाली भू-गर्भिक प्रक्रिया है जो धरातल को नया रूप देती है।

12. स्थलमंडल पृथ्वी के कुल क्षेत्रफल का लगभग ————- भाग घेरता है।

(a) 19%

(b) 29%

(c) 71%

(d) 81%

Ans. (b) 29%

Explain: पृथ्वी के कुल क्षेत्रफल का लगभग 29% भाग स्थलमंडल (महाद्वीप) है और शेष 71% भाग जलमंडल (महासागर) द्वारा ढका हुआ है। उत्तरी गोलार्ध में स्थल की अधिकता है, जबकि दक्षिणी गोलार्ध में जल का विस्तार अधिक पाया जाता है।

13. स्वेस ने पृथ्वी के आंतरिक भाग को तीन भागों में बाँटा। उनके विभाजन में शामिल नहीं है –

(a) सियाल

(b) सीमा

(c) निफे

(d) सब स्ट्रैटम

Ans. (d) सब स्ट्रैटम

Explain: एडवर्ड स्वेस ने रासायनिक संरचना के आधार पर पृथ्वी को तीन परतों में विभाजित किया था: सियाल (SiAl), सीमा (SiMa) और निफे (NiFe)। ‘सब स्ट्रैटम’ इस वर्गीकरण का हिस्सा नहीं है। यह विभाजन सिलिका, एल्युमीनियम, मैग्नीशियम और निकल-लोहे की प्रधानता को दर्शाता है।

14. पृथ्वी के धरातल से केन्द्र की ओर निम्नलिखित का सही क्रम होगा –

1. सीमा   2. सियाल   3. निफे

(a) 1-2-3

(b) 2-1-3

(c) 1-3-2

(d) 3-2-1

Ans. (b) 2-1-3

Explain: स्वेस के अनुसार, धरातल से केंद्र की ओर जाने पर सबसे ऊपरी परत ‘सियाल’ (SiAl) है, उसके नीचे ‘सीमा’ (SiMa) की परत है और सबसे केंद्र में ‘निफे’ (NiFe) स्थित है। सियाल महाद्वीपीय सतह बनाती है, जबकि सीमा महासागरीय तल के नीचे पाई जाती है।

15. पृथ्वी की सबसे ऊपरी परत कहलाती है –

(a) क्रस्ट

(b) मैण्टल

(c) कोर

(d) इनमें से कोई नहीं

Ans. (a) क्रस्ट

Explain: पृथ्वी की सबसे ऊपरी ठोस परत को क्रस्ट (भूपर्पटी) कहा जाता है। इसकी औसत मोटाई महासागरों के नीचे 5 किमी और महाद्वीपों के नीचे 30-35 किमी तक होती है। यह मुख्य रूप से ग्रेनाइट और बेसाल्ट जैसी चट्टानों से निर्मित होती है।

16. पृथ्वी की त्रिसकेन्द्री परतों में ऊपर से दूसरी परत का नाम क्या है ?

(a) सियाल

(b) सीमा

(c) निफे

(d) इनमें से कोई नहीं

Ans. (b) सीमा

Explain: एडवर्ड स्वेस के वर्गीकरण के अनुसार, पृथ्वी की दूसरी परत ‘सीमा’ (SiMa) है, जो सियाल के ठीक नीचे स्थित है। यह मुख्य रूप से सिलिका और मैग्नीशियम तत्वों से बनी है। इसकी संरचना बेसाल्टिक चट्टानों से हुई है और इसका औसत घनत्व 2.9 से 4.7 के बीच रहता है।

17. पृथ्वी की सबसे भीतरी परत को कहते हैं –

(a) क्रस्ट

(b) मैण्टल

(c) कोर

(d) इनमें से कोई नहीं

Ans. (c) कोर

Explain: पृथ्वी के सबसे आंतरिक और केंद्रीय भाग को ‘कोर’ या क्रोड कहा जाता है। अत्यधिक दबाव के कारण इसका आंतरिक भाग ठोस लोहे जैसा व्यवहार करता है। इसे ‘बेरीस्फीयर’ के नाम से भी जाना जाता है और यहाँ का तापमान सूर्य की सतह के समान लगभग 5000°C होता है।

18. पृथ्वी के भूपर्पटी (Crust) में किस तत्व की प्रधानता होती है ?

(a) सिलिका एवं एल्युमिनियम

(b) सिलिका एवं मैग्नीशियम

(c) सिलिका एवं निकेल

(d) फेरम (लोहा) एवं निकेल

Ans. (a) सिलिका एवं एल्युमिनियम

Explain: पृथ्वी की सबसे ऊपरी परत ‘क्रस्ट’ में सिलिका और एल्युमिनियम की प्रचुरता होती है, जिसे ‘सियाल’ (SiAl) कहा जाता है। यह परत महाद्वीपों का आधार है और ग्रेनाइट चट्टानों से बनी है। इसकी मोटाई महासागरों के नीचे कम और महाद्वीपों के नीचे अधिक होती है।

19. पृथ्वी के मैण्टल (Mantle) में जिस तत्व की प्रधानता होती है, वह है –

(a) सिलिका एवं एल्युमिनियम

(b) सिलिका एवं मैग्नीशियम

(c) सिलिका एवं निकेल

(d) फेरम (लोहा) एवं निकेल

Ans. (b) सिलिका एवं मैग्नीशियम

Explain: क्रस्ट के ठीक नीचे स्थित मैण्टल परत में सिलिका और मैग्नीशियम की प्रधानता पाई जाती है, जिसे ‘सीमा’ कहते हैं। यह परत पृथ्वी के कुल आयतन का लगभग 83% हिस्सा घेरती है। ज्वालामुखी से निकलने वाला लावा इसी परत के ऊपरी हिस्से से उत्पन्न होता है।

20. पृथ्वी के क्रोड (Core) में किस तत्व की प्रधानता होती है ?

(a) सिलिका एवं एल्युमिनियम

(b) सिलिका एवं मैग्नीशियम

(c) सिलिका एवं निकेल

(d) फेरम (लोहा) एवं निकेल

Ans. (d) फेरम (लोहा) एवं निकेल

Explain: पृथ्वी के सबसे गहरे भाग क्रोड का निर्माण भारी धातुओं जैसे निकेल (Ni) और लोहे (Fe) से हुआ है, जिसे ‘निफे’ पुकारा जाता है। इन्हीं भारी धातुओं की उपस्थिति के कारण पृथ्वी के भीतर एक शक्तिशाली चुंबकीय क्षेत्र का निर्माण होता है जो हमें अंतरिक्ष विकिरण से बचाता है।

21. पृथ्वी ग्रह की संरचना में मैण्टल के नीचे कोर निम्नलिखित किस एक से बना है ?

(a) एल्युमिनियम

(b) क्रोमियम

(c) लौह

(d) सिलिकॉन

Ans. (c) लौह

[UPSC 2009]

Explain: पृथ्वी की आंतरिक संरचना में मैण्टल के नीचे स्थित कोर का निर्माण मुख्य रूप से लौह (Iron) और निकेल से हुआ है। कोर का आंतरिक हिस्सा अत्यधिक दबाव के कारण ठोस है, जबकि बाहरी हिस्सा तरल है। यह भाग पृथ्वी के गुरुत्वाकर्षण बल के लिए उत्तरदायी माना जाता है।

22. मैण्टल का विस्तार पृथ्वी के कितने किलोमीटर की गहराई तक है ?

(a) 100 किमी.

(b) 2900 किमी.

(c) 3400 किमी.

(d) 5400 किमी.

Ans. (b) 2900 किमी.

Explain: पृथ्वी की दूसरी महत्वपूर्ण परत मैण्टल, क्रस्ट के नीचे से प्रारंभ होकर लगभग 2900 किलोमीटर की गहराई तक विस्तृत है। यह पृथ्वी के द्रव्यमान का लगभग 68% भाग बनाती है। इसके ऊपरी भाग को ‘दुर्बलता मंडल’ या एस्थेनोस्फीयर कहा जाता है, जहाँ चट्टानें पिघली अवस्था में होती हैं।

23. जलमंडल का आशय है –

(a) पृथ्वी का ठोसीय भाग

(b) पृथ्वी का द्रवीय भाग

(c) पृथ्वी का वायवीय भाग

(d) इनमें से कोई नहीं

Ans. (b) पृथ्वी का द्रवीय भाग

Explain: पृथ्वी की सतह पर मौजूद समस्त जल राशियों, जैसे महासागर, नदियाँ, झीलें और हिमखंडों के समूह को जलमंडल कहा जाता है। यह पृथ्वी के कुल पर्यावरण का एक अभिन्न अंग है। जलमंडल न केवल जीवन को संभव बनाता है, बल्कि पृथ्वी के तापमान को भी संतुलित रखता है।

24. जलमंडल के अध्ययन को कहते हैं –

(a) जिओमार्फोलोजी

(b) ओशनोग्राफी

(c) क्लाइमेटोलोजी

(d) इकोलोजी

Ans. (b) ओशनोग्राफी

Explain: महासागरों और उनके भौतिक, रासायनिक व जैविक गुणों के वैज्ञानिक अध्ययन को ओशनोग्राफी (समुद्र विज्ञान) कहा जाता है। इसके अंतर्गत समुद्री धाराओं, लहरों और समुद्री जीवों का विश्लेषण किया जाता है। जल के वितरण और चक्र का अध्ययन ‘हाइड्रोलॉजी’ विज्ञान के तहत भी किया जाता है।

25. जलमंडल पृथ्वी के कुल क्षेत्रफल का कितना प्रतिशत भाग घेरता है ?

(a) 19%

(b) 29%

(c) 71%

(d) 81%

Ans. (c) 71%

Explain: पृथ्वी की सतह का लगभग 71% हिस्सा जलमंडल से ढका हुआ है, जबकि शेष 29% भाग पर स्थलखंड स्थित हैं। जल की प्रचुरता के कारण ही पृथ्वी को सौरमंडल का एक अनोखा ग्रह माना जाता है। दक्षिणी गोलार्ध में जल का विस्तार उत्तरी गोलार्ध की अपेक्षा अधिक पाया जाता है।

26. पृथ्वी को ‘जलीय ग्रह’ (Watery Planet) कहने का कारण है –

(a) पृथ्वी पर ठोसीय भाग की अधिकता

(b) पृथ्वी पर द्रवीय/जलीय भाग की अधिकता

(c) पृथ्वी पर गैसीय/वायवीय भाग की अधिकता

(d) इनमें से कोई नहीं

Ans. (b) पृथ्वी पर द्रवीय/जलीय भाग की अधिकता

Explain: अन्य ग्रहों की तुलना में पृथ्वी पर जल अपनी तीनों भौतिक अवस्थाओं में प्रचुर मात्रा में उपलब्ध है, इसलिए इसे ‘जलीय ग्रह’ कहते हैं। यह जल जीवन के उद्भव और विकास के लिए सबसे महत्वपूर्ण कारक है। पृथ्वी का लगभग तीन-चौथाई हिस्सा जलमग्न होने के कारण यह संज्ञा दी गई है।

27. पृथ्वी को ‘नीला ग्रह’ (Blue Planet) कहा जाता है, क्योंकि –

(a) यह नीले रंग का है

(b) यह जल की अधिकता के कारण अंतरिक्ष से नीला दिखता है

(c) यह नीले रंग के आसमान से घिरा है

(d) इनमें से कोई नहीं

Ans. (b) यह जल की अधिकता के कारण अंतरिक्ष से नीला दिखता है

Explain: अंतरिक्ष से देखने पर पृथ्वी का रंग नीला दिखाई देता है क्योंकि इसके विशाल महासागर सूर्य के प्रकाश के नीले रंग को परावर्तित करते हैं। जल द्वारा होने वाला यह प्रकाश प्रकीर्णन पृथ्वी को एक सुंदर नीला आभा प्रदान करता है। यह रंग जीवन के लिए जल की उपस्थिति का प्रतीक है।

28. पृथ्वी की सतह से नीचे पाये जाने वाले जल को कहा जाता है –

(a) हिम चादर

(b) हिम जल

(c) भूमिगत जल

(d) जल वाष्प

Ans. (c) भूमिगत जल

Explain: वर्षा का वह जल जो मृदा और चट्टानों की दरारों से रिसकर सतह के नीचे जमा हो जाता है, उसे भूमिगत जल कहते हैं। यह पेयजल का सबसे शुद्ध और महत्वपूर्ण प्राकृतिक स्रोत है। इसका उपयोग कुओं, हैंडपंपों और ट्यूबवेल के माध्यम से मानवीय आवश्यकताओं के लिए किया जाता है।

29. पृथ्वी की सतह से ऊपर वायुमंडल की निचली परतों में जल जिस रूप में पाया जाता है, वह है-

(a) हिम चादर

(b) हिम जल

(c) भूमिगत जल

(d) जल वाष्प

Ans. (d) जल वाष्प

Explain: वायुमंडल में जल गैसीय अवस्था में मौजूद रहता है, जिसे जल वाष्प (Water Vapor) कहा जाता है। यह मुख्य रूप से क्षोभमंडल में संकेंद्रित होता है और बादलों के निर्माण के लिए आवश्यक है। जल वाष्प पृथ्वी की गर्मी को रोककर ‘ग्रीनहाउस प्रभाव’ पैदा करता है, जिससे रातें अधिक ठंडी नहीं होतीं।

30. पृथ्वी पर पाये जाने वाले जल के कुल आयतन का लगभग ————- भाग समुद्र में पाया जाता है।

(a) 1%

(b) 2%

(c) 97%

(d) 99%

Ans. (c) 97%

Explain: पृथ्वी पर उपलब्ध कुल जल का लगभग 97.2% भाग महासागरों में खारे जल के रूप में मौजूद है। यह जल लवणता के कारण सीधे पीने या कृषि के योग्य नहीं होता है। मात्र 2.8% जल ही मीठा या स्वच्छ है, जिसका अधिकांश भाग ध्रुवों पर बर्फ के रूप में जमा है।

31. स्वच्छ जल (Fresh Water) का सबसे बड़ा प्रत्यक्ष स्रोत है –

(a) समुद्र जल

(b) नदी जल

(c) कूप जल

(d) वर्षा जल

Ans. (d) वर्षा जल

Explain: वर्षा जल पृथ्वी पर स्वच्छ और मीठे जल का सबसे बड़ा प्राथमिक और प्रत्यक्ष स्रोत माना जाता है। वाष्पीकरण के दौरान समुद्री जल का खारापन नीचे रह जाता है, जिससे बादलों के माध्यम से शुद्ध जल प्राप्त होता है। यही वर्षा जल नदियों और झीलों में जल स्तर को बनाए रखता है।

32. स्वच्छ जल का सबसे बड़ा अप्रत्यक्ष/परोक्ष स्रोत है –

(a) वर्षा जल

(b) महासागरीय जल

(c) सागरीय जल

(d) भूमिगत जल

Ans. (d) भूमिगत जल

Explain: ध्रुवीय बर्फ के बाद, भूमिगत जल मीठे पानी का सबसे बड़ा भंडार है जिसे हम अप्रत्यक्ष रूप से प्राप्त करते हैं। यह जल मृदा की परतों से छनकर नीचे जमा होता है, इसलिए यह प्राकृतिक रूप से शुद्ध होता है। अकाल या सूखे के समय यह जल आपूर्ति का मुख्य आधार बनता है।

33. पृथ्वी पर उपलब्ध कुल जल का कितना प्रतिशत मानव के उपयोग के लायक है ?

(a) 0.3%

(b) 3%

(c) 10%

(d) 30%

Ans. (a) 0.3%

Explain: यद्यपि पृथ्वी पर मीठा जल 2.8% है, लेकिन नदियों, झीलों और सुलभ भूमिगत जल के रूप में केवल 0.3% भाग ही सीधे मानव उपयोग के लिए उपलब्ध है। शेष मीठा जल हिमनदों में बर्फ के रूप में कैद है। यह डेटा जल संरक्षण की वैश्विक आवश्यकता को स्पष्ट रूप से दर्शाता है।

34. पीने योग्य पानी कहलाता है –

(a) पॉटेबल वाटर

(b) नान पॉटेबल वाटर

(c) पोर्टेबल वाटर

(d) अनपोर्टेबल वाटर

Ans. (a) पॉटेबल वाटर

Explain: वह जल जो मानवीय उपभोग के लिए पूरी तरह सुरक्षित हो और स्वास्थ्य के लिए हानिकारक न हो, उसे ‘पॉटेबल वाटर’ (Potable Water) कहा जाता है। इसमें आवश्यक खनिज संतुलित मात्रा में होते हैं। ध्यान रहे कि ‘पोर्टेबल’ का अर्थ ले जाने योग्य वस्तु से होता है, न कि पीने योग्य जल से।

35. जलमंडल, वायुमंडल एवं स्थलमंडल के बीच जल के चक्रीय/वृत्तीय संचरण को कहा जाता है –

(a) कार्बन-चक्र

(b) वायु चक्र

(c) जल-चक्र

(d) जीवन-चक्र

Ans. (c) जल-चक्र

Explain: पृथ्वी के विभिन्न मंडलों के बीच जल का निरंतर होने वाला विनिमय ‘जल-चक्र’ (Water Cycle) कहलाता है। इसमें वाष्पीकरण, संघनन और वर्षा जैसी प्रक्रियाएं निरंतर चलती रहती हैं। यह चक्र पृथ्वी पर जीवन के अस्तित्व और जलवायु के संतुलन को बनाए रखने के लिए अनिवार्य है।

36. हाइड्रोलॉजिकल साइकिल किस चक्र का समानार्थी है ?

(a) कार्बन-चक्र

(b) नाइट्रोजन-चक्र

(c) फास्फोरस चक्र

(d) जल-चक्र

Ans. (d) जल-चक्र

Explain: जल-चक्र को ही वैज्ञानिक और तकनीकी भाषा में ‘हाइड्रोलॉजिकल साइकिल’ कहा जाता है। यह सूर्य की ऊर्जा द्वारा संचालित एक अटूट प्रक्रिया है। इसके माध्यम से महासागरों का जल वाष्प बनकर वायुमंडल में जाता है और पुनः वर्षा के रूप में पृथ्वी पर लौट आता है।

37. जलमंडल में जल के चक्रीकरण (Circulation of water) का सर्वप्रमुख कारण है –

(a) सूर्य द्वारा होनेवाला विभेदक ऊष्मीकरण

(b) चंद्र की परिक्रमण गति

(c) पृथ्वी की घूर्णन गति

(d) पृथ्वी की परिक्रमण गति

Ans. (a) सूर्य द्वारा होनेवाला विभेदक ऊष्मीकरण

Explain: जल चक्र का मुख्य चालक सूर्य की ऊर्जा है। सूर्य की गर्मी के कारण ही जल का वाष्पीकरण होता है और तापमान में अंतर (Differential Heating) के कारण हवाएं चलती हैं। यही हवाएं जलवाष्प को एक स्थान से दूसरे स्थान तक ले जाती हैं, जिससे वर्षा संभव हो पाती है।

38. वायुमंडल का मतलब है –

(a) पृथ्वी का स्थलीय आवरण

(b) पृथ्वी का जलीय आवरण

(c) पृथ्वी का वायवीय/गैसीय आवरण

(d) इनमें से कोई नहीं

Ans. (c) पृथ्वी का वायवीय/गैसीय आवरण

Explain: पृथ्वी को चारों ओर से घेरे हुए गैसों के विशाल आवरण को वायुमंडल कहा जाता है। यह गुरुत्वाकर्षण बल के कारण पृथ्वी से टिका हुआ है। वायुमंडल में ऑक्सीजन और नाइट्रोजन जैसी गैसें पाई जाती हैं, जो पृथ्वी पर जीवन को संभव बनाती हैं।

 

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