BIOLOGY (जीव विज्ञान)
61. पादप कोशिका भित्ति किससे बनी होती है ?
(a) सेलूलोज और पेक्टिन
(b) केवल पेक्टिन
(c) मुरेन
(d) काइटिन
Ans. सेलूलोज और पेक्टिन
[RRB Group-D, 26-09-2018 Shift-2]
Explain: पादप कोशिका भित्ति मुख्य रूप से सेलूलोज, हेमी-सेलूलोज और पेक्टिन से बनी होती है। यह कोशिका को निश्चित आकार और मजबूती प्रदान करती है। सेलूलोज एक जटिल कार्बोहाइड्रेट है जो पौधों को संरचनात्मक सुदृढ़ता देता है, जबकि पेक्टिन कोशिकाओं को आपस में जोड़ने का कार्य करता है।
62. ———- ऊतक का निर्माण मृत कोशिकाओं के संयोजन से होता है।
(a) स्क्लेरेनकाइमा
(b) एरेनकाइमा
(c) कोलेनकाइमा
(d) पेरेनकाइमा
Ans. स्क्लेरेनकाइमा
[RRB Group-D, 25-09-2018 Shift-3]
Explain: स्क्लेरेनकाइमा (दृढ़ ऊतक) की कोशिकाएं परिपक्व होने पर मृत हो जाती हैं। इनकी भित्ति लिग्निन के कारण बहुत मोटी होती है। यह ऊतक पौधों को कठोरता और यांत्रिक शक्ति प्रदान करता है। नारियल के रेशेदार छिलके स्क्लेरेनकाइमा ऊतक के सबसे सामान्य उदाहरण हैं।
63. पौधों में फ्लोएम का कार्य होता है:-
(a) खाद्यों का प्रवाह
(b) तने को सहारा प्रदान करना
(c) खनिजों का संचरण
(d) जल का प्रवाह
Ans. खाद्यों का प्रवाह
[RRB Group-D, 25-09-2018 Shift-2]
Explain: फ्लोएम एक जटिल स्थायी ऊतक है जिसका मुख्य कार्य पत्तियों द्वारा प्रकाश संश्लेषण से निर्मित भोज्य पदार्थों (खाद्यों) को पौधे के अन्य भागों तक पहुँचाना है। यह संवहन द्वि-दिशीय (ऊपर और नीचे दोनों तरफ) होता है। इसके विपरीत जाइलम केवल जल का परिवहन करता है।
64. पौधों में फ्लोएम ———– के परिवहन के लिए उत्तरदायी है।
(a) भोजन
(b) ऑक्सीजन
(c) पानी
(d) खनिज
Ans. भोजन
[RRB Group-D, 20-09-2018 Shift-1]
Explain: फ्लोएम ऊतक पौधों में कार्बनिक पोषक तत्वों, विशेष रूप से सुक्रोज (भोजन) के स्थानांतरण के लिए जिम्मेदार होता है। यह चालनी नलिकाओं और सह-कोशिकाओं की मदद से भोजन को संचय अंगों तक भेजता है। फ्लोएम को बास्ट (Bast) के नाम से भी जाना जाता है।
65. ———- में पतली कोशिका भित्ति के साथ अपेक्षाकृत अविशिष्ट कोशिकाएं होती हैं।
(a) फ्लोएम
(b) पेरेनकाइमा
(c) स्क्लेरेनकाइमा
(d) कोलेनकाइमा
Ans. पेरेनकाइमा
[RRB Group-D, 22-09-2018 Shift-3]
Explain: पेरेनकाइमा (मृदूतक) की कोशिकाएं जीवित, पतली भित्ति वाली और अपेक्षाकृत कम विशिष्ट होती हैं। ये कोशिकाएं प्रायः अंडाकार या गोल होती हैं। इनका मुख्य कार्य भोजन का संचय करना और पौधों को सहायता प्रदान करना है। यह सबसे सरल प्रकार का स्थायी ऊतक है।
66. ———- में, कोशिकाओं को ढीला पैक किया जाता है ताकि बड़े अंतःक्रियात्मक रिक्त स्थान मिल सके।
(a) मृदूतक
(b) स्क्लेरेनकाइमा
(c) ट्रेकीड
(d) कोलेनकाइमा
Ans. मृदूतक
[RRB Group-D, 28-09-2018 Shift-2]
Explain: मृदूतक या पेरेनकाइमा ऊतक की कोशिकाएं विरल रूप से व्यवस्थित होती हैं, जिसके कारण उनके बीच काफी अधिक अंतःकोशिकीय स्थान (Intercellular space) होता है। यह स्थान गैसों के विनिमय और भंडारण में सहायक होता है। जलीय पौधों में यही स्थान वायु भरकर उन्हें तैरने में मदद करता है।
67. ———– में पतली कोशिका भित्ती के साथ अपेक्षाकृत गैर-विशिष्ट कोशिकाएं होती हैं।
(a) पैरेनकाइमा
(b) ट्रेकीड्स
(c) स्क्लेरेनकाइमा
(d) कॉलेनकाइमा
Ans. पैरेनकाइमा
[RRB Group-D, 03-10-2018 Shift-3]
Explain: पैरेनकाइमा कोशिकाएं बुनियादी और गैर-विशिष्ट होती हैं, जिनकी कोशिका भित्ति सेलूलोज की बनी और बहुत पतली होती है। ये कोशिकाएं सक्रिय रूप से चयापचय क्रियाएं करती हैं। पौधों के कोमल भागों, जैसे फलों के गूदे और पत्तियों के मेसोफिल में यही ऊतक पाया जाता है।
68. अधिक अंतरकोशीय प्रसार के लिए ———– कोशिकायें विरल रूप में संरचित होती हैं।
(a) फ्लोएम
(b) स्क्लेरेनकाइमा
(c) कोलेनकाइमा
(d) पैरेनकाइमा
Ans. पैरेनकाइमा
[RRB Group-D, 17-09-2018 Shift-3]
Explain: पैरेनकाइमा ऊतक की संरचना ऐसी होती है कि कोशिकाएं एक-दूसरे से सटी हुई नहीं होतीं, जिससे अधिक अंतरकोशीय प्रसार (Intercellular diffusion) संभव होता है। यह लचीलापन और संचय की क्षमता बढ़ाता है। यह पौधों के ऊतकों का सबसे बड़ा भाग निर्मित करता है।
69. स्थायी ऊतक ———- के अन्तर्गत वर्गीकृत किये जाते हैं-
(a) स्केलेरेनकाइमा
(b) पैरेनकाइमा
(c) कोलेनकाइमा
(d) मेरिस्टेमेटिक (विभाज्योतक)
Ans. मेरिस्टेमेटिक (विभाज्योतक)
[RRB Group-D 05-12-2018 Shift-2]
Explain: स्थायी ऊतक मूल रूप से मेरिस्टेमेटिक (विभाज्योतक) ऊतक से ही उत्पन्न होते हैं। जब मेरिस्टेमेटिक कोशिकाएं विभाजन की क्षमता खो देती हैं और विशिष्ट कार्य करने लगती हैं, तो वे स्थायी ऊतक के रूप में वर्गीकृत हो जाती हैं। इस प्रक्रिया को कोशिकीय विभेदीकरण कहा जाता है।
70. निम्न में से कौन सा ऊतक कोशिका विभाजन में सक्षम है ?
(a) स्थूलकोण ऊतक
(b) विभज्योतक ऊतक
(c) मृदूतक
(d) दृढ़ ऊतक
Ans. विभज्योतक ऊतक
[RRB Group D, 20-09-2018 Shift-3]
Explain: विभज्योतक या मेरिस्टेमेटिक ऊतक ही एकमात्र ऐसा पादप ऊतक है जो निरंतर कोशिका विभाजन में सक्षम होता है। इसकी कोशिकाएं छोटी, सघन जीवद्रव्य वाली और सक्रिय होती हैं। यह ऊतक पौधों की वृद्धि के लिए प्राथमिक रूप से जिम्मेदार होता है।
71. विभिन्न प्रकार के स्थायी ऊतकों के निर्माण के लिए ———- ऊतक की कोशिकाओं को अलग किया जाता है।
(a) कोलेनकाइमा
(b) पैरेन्काइमा
(c) स्क्लेरेनकाइमा
(d) मेरिस्टेमेटिक
Ans. मेरिस्टेमेटिक
[RRB Group-D, 26-09-2018 Shift-1]
Explain: मेरिस्टेमेटिक (विभज्योतक) ऊतक की कोशिकाओं के विभेदीकरण से ही विभिन्न प्रकार के सरल और जटिल स्थायी ऊतक बनते हैं। विभाजन के बाद ये कोशिकाएं एक स्थायी रूप और आकार ले लेती हैं। यह प्रक्रिया पौधे के विकास और अंगों के निर्माण के लिए अनिवार्य है।
72. पादप ऊतक मुख्यतः दो प्रकार के होते हैं ——– और ——–
(a) स्थायी ऊतक, जटिल स्थायी ऊतक
(b) विभज्योतक ऊतक, सरल स्थायी ऊतक
(c) विभज्योतक ऊतक, स्थायी ऊतक
(d) सरल स्थायी ऊतक, जटिल स्थायी ऊतक
Ans. विभज्योतक ऊतक, स्थायी ऊतक
[RRB Group-D, 12-11-2018 Shift-1]
Explain: पादप ऊतकों को विभाजन क्षमता के आधार पर दो मुख्य श्रेणियों में बांटा गया है: विभज्योतक ऊतक (जो निरंतर विभाजित होते हैं) और स्थायी ऊतक (जिनमें विभाजन रुक चुका होता है)। स्थायी ऊतकों को आगे सरल और जटिल स्थायी ऊतकों में वर्गीकृत किया जाता है।
73. पौधों के सभी भागों में भोजन पहुँचाता है।
(a) पैरेनकाईमा
(b) फ्लोएम
(c) कॉलेनकाईमा
(d) जाइलम
Ans. फ्लोएम
[RRB Group-D, 01-12-2018 Shift-2]
Explain: फ्लोएम ऊतक पत्तियों में तैयार शर्करा और अन्य पोषक तत्वों को पौधे के सभी जीवित भागों तक पहुँचाने का कार्य करता है। यह एक जटिल ऊतक है जो सीव ट्यूब, सह-कोशिकाओं, पैरेनकाइमा और फाइबर से बना होता है। यह पौधों के विकास के लिए आवश्यक ऊर्जा पहुँचाता है।
74. ———- एक जटिल स्थायी ऊतक है।
(a) फ्लोएम
(b) पैरेनकाइमा
(c) स्क्लेरेनकाइमा
(d) कॉलेनकाइमा
Ans. फ्लोएम
[RRB Group-D, 30-10-2018 Shift-1]
Explain: फ्लोएम को जटिल स्थायी ऊतक कहा जाता है क्योंकि यह विभिन्न प्रकार की विशिष्ट कोशिकाओं के समूह से बना होता है जो मिलकर एक सामान्य कार्य करते हैं। इसके विपरीत, पैरेनकाइमा, स्क्लेरेनकाइमा और कोलेनकाइमा सरल स्थायी ऊतक हैं क्योंकि वे एक ही प्रकार की कोशिकाओं से बने होते हैं।
75. निम्न में कौन सा स्थायी ऊतक का एक उदाहरण है ?
(a) रक्त
(b) जाइलम
(c) हड्डी
(d) त्वचा
Ans. जाइलम
[RRB Group-D, 16-10-2018 Shift-1]
Explain: जाइलम पादप जगत में एक जटिल स्थायी ऊतक का प्रमुख उदाहरण है। रक्त और हड्डी जंतुओं के संयोजी ऊतक हैं, जबकि त्वचा उपकला ऊतक का हिस्सा है। जाइलम मुख्य रूप से जल और खनिजों के परिवहन और पौधे को यांत्रिक सहारा देने का कार्य करता है।
76. नारियल की छाल का निर्माण किस ऊतक द्वारा होता है ?
(a) एरेनकाइमा
(b) कोलेनकाइमा
(c) पेरेनकाइमा
(d) स्क्लेरेनकाइमा
Ans. स्क्लेरेनकाइमा
[RRB Group-D, 24-09-2018 Shift-2]
Explain: नारियल की बाहरी छाल का निर्माण स्क्लेरेनकाइमा (दृढ़ ऊतक) द्वारा होता है। इस ऊतक की कोशिकाएं मृत होती हैं और इनकी भित्ति लिग्निन के कारण अत्यधिक मोटी होती है। यह पौधों के आंतरिक भागों की रक्षा करता है और उन्हें कठोरता प्रदान करता है।
77. किस प्रकार का ऊतक, नारियल का भूसी बनाता है ?
(a) कोलेनकाइमस
(b) पैरेन्काइमा
(c) स्क्लेरेनकाइमेटस फाइबर
(d) फ्लोएम पैरेनकाइमा
Ans. स्क्लेरेनकाइमेटस फाइबर
[RRB Group-D, 12-10-2018 Shift-3]
Explain: नारियल की भूसी या रेशे स्क्लेरेनकाइमेटस फाइबर के बने होते हैं। यह एक निर्जीव ऊतक है जो लिग्निन युक्त लंबी और संकरी कोशिकाओं से बना होता है। यह पादप अंगों को यांत्रिक शक्ति देता है ताकि वे बाहरी दबाव को सहन कर सकें।
78. निम्न में से कौन जाइलम का प्रकार नहीं है ?
(a) ट्रेकिड्स
(b) सिव ट्यूब
(c) जाइलम फाइबर्स
(d) नलिकाएँ
Ans. सिव ट्यूब
[RRB Group-D, 20-09-2018 Shift-2]
Explain: जाइलम चार घटकों से बना होता है: वाहिनिकाएँ (Tracheids), वाहिकाएँ (Vessels), जाइलम पैरेनकाइमा और जाइलम फाइबर। सिव ट्यूब (चालनी नलिका) फ्लोएम का हिस्सा है। जाइलम मुख्य रूप से जल संवहन करता है, जबकि सिव ट्यूब भोजन के परिवहन में सहायक होती है।
79. कौन सा ऊतक पौधों के प्रकाश संश्लेषक हिस्सों से सामग्री के परिवहन में मदद करता है ?
(a) फ्लोएम
(b) जाइलम वाहिकाएँ
(c) भरण ऊतक
(d) विभज्योतक ऊतक
Ans. फ्लोएम
[RRB Group-D, 19-09-2018 Shift-2]
Explain: पत्तियों में प्रकाश संश्लेषण द्वारा निर्मित शर्करा और अन्य पोषक तत्वों को पौधे के विभिन्न भागों तक पहुँचाने का कार्य फ्लोएम ऊतक करता है। यह एक जीवित संवहनी ऊतक है जो भोजन का स्थानांतरण ऊपर और नीचे दोनों दिशाओं में कर सकता है।
80. पौधों में लचीलापन ———– ऊतक के कारण होता है ?
(a) जाइलम
(b) स्केरेन्काइमा
(c) कोलेनकाइमा
(d) फ्लोएम
Ans. कोलेनकाइमा
[RRB Group-D, 17-09-2018 Shift-1]
Explain: कोलेनकाइमा (स्थूलकोण ऊतक) पौधों को यांत्रिक सहायता के साथ-साथ लचीलापन प्रदान करता है। इसी ऊतक के कारण पौधों की टहनियां और पत्तियां बिना टूटे आसानी से झुक सकती हैं। यह मुख्य रूप से द्विबीजपत्री पौधों के बाह्यत्वचा के नीचे पाया जाता है।
81. पौधों में लचीलापन प्रदान करने वाले स्थायी ऊतक को कहा जाता है-
(a) पैरेनकाइमा
(b) ऐरेनकाइमा
(c) स्क्लेरेनकाइमा
(d) कॉलेनकाइमा
Ans. कॉलेनकाइमा
[RRB Group-D, 24-10-2018 Shift-1]
Explain: कॉलेनकाइमा एक सरल स्थायी ऊतक है जिसकी कोशिकाओं के कोनों पर सेलुलोज और पेक्टिन का जमाव होता है। यह जमाव पौधों के कोमल अंगों को सामर्थ्य और लचीलापन दोनों देता है। यह ऊतक आमतौर पर जलीय पौधों में अनुपस्थित होता है।
82. पौधों में ———– नामक ऊतक के कारण लचीलापन होता है।
(a) कोलेनकाइमा
(b) पैरेन्काइमा
(c) स्क्लेरेनकाइमा
(d) क्लोरेन्काइमा
Ans. कोलेनकाइमा
[RRB Group-D, 12-10-2018 Shift-2]
Explain: कोलेनकाइमा ऊतक की जीवित और लंबी कोशिकाएं पौधों के विभिन्न भागों में लचीलापन लाती हैं। यह ऊतक मुख्य रूप से नए तनों और पर्णवृंत (Petiole) में पाया जाता है। क्लोरेन्काइमा इससे भिन्न है, क्योंकि वह पैरेनकाइमा का वह प्रकार है जिसमें क्लोरोफिल होता है।
83. दृढ़ ऊतक ———– से बना है-
(a) सफेद रक्त कोशिकाएँ (WBC)
(b) निर्जीव कोशिका
(c) लाल रक्त कोशिकाएँ (RBC)
(d) जटिल कोशिका
Ans. निर्जीव कोशिका
[RRB Group-D, 04-10-2018 Shift-2]
Explain: दृढ़ ऊतक (Sclerenchyma) निर्जीव या मृत कोशिकाओं से बना होता है। परिपक्व होने पर ये कोशिकाएं अपना जीवद्रव्य खो देती हैं और इनकी भित्तियां लिग्निन के कारण पत्थर जैसी कठोर हो जाती हैं। इनका एकमात्र उद्देश्य पौधे को संरचनात्मक ढांचा और मजबूती प्रदान करना है।
84. ———– ऊतक मृत कोशिकाओं के संयोजन से बना होता है।
(a) पेरेनकाइमा
(b) एरेनकाइमा
(c) स्क्लेरेनकाइमा
(d) कोलेनकाइमा
Ans. स्क्लेरेनकाइमा
[RRB Group-D, 25-09-2018 Shift-2]
Explain: स्क्लेरेनकाइमा ऊतक की कोशिकाएं मृत होती हैं और इनमें अंतःकोशिकीय स्थान नहीं पाया जाता है। ये कोशिकाएं लंबी और नुकीली होती हैं। यह ऊतक पौधों के तनों, संवहनी बंडल के चारों ओर और फलों के कठोर छिलकों में पाया जाता है।
85. रेगिस्तानी पौधों की बाह्यत्वचा (एपिडर्मिस) में ———– की एक मोटी मोमी परत होती है।
(a) पेक्टिन
(b) क्यूटिन
(c) सेलुलोज़
(d) लिग्निन
Ans. क्यूटिन
[RRB Group-D, 05-12-2018 Shift-1]
Explain: मरुस्थलीय या रेगिस्तानी पौधों की बाह्यत्वचा पर ‘क्यूटिन’ नामक एक जलरोधक मोमी पदार्थ की परत होती है। इसे क्यूटिकल कहते हैं। यह परत वाष्पोत्सर्जन (Transpiration) की दर को कम करके पौधे को पानी की कमी से बचाने में मदद करती है।
86. वृक्षों में सामग्री के परिवहन में सहायक ऊतकों को क्या कहा जाता है ?
(a) भरण ऊतक
(b) संवहनी ऊतक
(c) त्वचीय ऊतक
(d) विभज्योतक ऊतक
Ans. संवहनी ऊतक
[RRB Group-D, 06-12-2018 Shift-3]
Explain: वृक्षों में जल, खनिज और भोजन के परिवहन के लिए जिम्मेदार ऊतकों को संवहनी ऊतक (Vascular Tissues) कहा जाता है। इसमें जाइलम और फ्लोएम शामिल हैं। ये ऊतक जड़ से लेकर पत्तियों तक एक निरंतर पाइपलाइन तंत्र की तरह कार्य करते हैं।
87. निम्न में से क्या मैक्रो पोषक तत्व नहीं है ?
(a) विटामिन
(b) वसा
(c) कार्बोहाइड्रेट
(d) एमिनो अम्ल
Ans. विटामिन
[RRB Group-D, 05-11-2018 Shift-2]
Explain: मैक्रो पोषक तत्व (Macronutrients) वे होते हैं जिनकी शरीर को बड़ी मात्रा में आवश्यकता होती है, जैसे वसा, कार्बोहाइड्रेट और प्रोटीन (एमिनो अम्ल)। विटामिन और खनिज ‘माइक्रो’ पोषक तत्व हैं क्योंकि इनकी आवश्यकता बहुत सूक्ष्म मात्रा में होती है।
88. जीव विज्ञान में डीएनए का पूर्ण रूप क्या है ?
(a) तेजी से मत चलें
(b) डिऑक्सीराइबोन्यूक्लिक एसिड
(c) डिजिटल नेटवर्क आर्किटेक्चर
(d) मनोनीत राष्ट्रीय प्राधिकरण
Ans. डिऑक्सीराइबोन्यूक्लिक एसिड
[RRB Group-D, 08-10-2018 Shift-3]
Explain: डीएनए (DNA) का पूर्ण रूप ‘डिऑक्सीराइबोन्यूक्लिक एसिड’ है। यह जीवित कोशिकाओं के गुणसूत्रों में पाया जाने वाला आनुवंशिक पदार्थ है। यह पीढ़ी-दर-पीढ़ी लक्षणों को स्थानांतरित करता है। इसकी संरचना ‘डबल हेलिक्स’ (द्वि-कुंडली) मॉडल पर आधारित होती है।
89. प्रोटीन संश्लेषण में क्षार इवेंट से एक ———— का निर्माण होता है।
(a) DNA प्रति
(b) RNA प्रति
(c) mRNA प्रति
(d) DNA और RNA प्रति
Ans. mRNA प्रति
[RRB Group-D, 19-09-2018 Shift-1]
Explain: प्रोटीन संश्लेषण के दौरान डीएनए की सूचनाओं को कोशिका द्रव्य तक पहुँचाने के लिए mRNA (Messenger RNA) की एक प्रति बनाई जाती है। इस प्रक्रिया को ‘अनुलेखन’ (Transcription) कहते हैं। यही mRNA आगे चलकर राइबोसोम पर प्रोटीन निर्माण के लिए सांचे का कार्य करता है।
90. प्रजनन के दौरान मूल कार्य एक ———— का निर्माण करना होता है:-
(a) m- RNA कॉपी
(b) DNA कॉपी
(c) RNA कॉपी
(d) I-RNA कॉपी
Ans. DNA कॉपी
[RRB Group-D, 23-10-2018 Shift-3]
Explain: प्रजनन की मूलभूत घटना डीएनए (DNA) की प्रतिकृति या कॉपी बनाना है। इससे आनुवंशिक जानकारी जनक से संतति में पहुँचती है। डीएनए कॉपी बनने के साथ-साथ अन्य कोशिकीय संरचनाओं का भी निर्माण होता है ताकि नई कोशिका जीवित रह सके।
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