BIOLOGY (जीव विज्ञान)
31. ———– ऊतक में, कोशिकाएँ जीवित, लंबी और कोनों पर अनियमित रूप से मोटी होती हैं-
(a) स्क्लेरेनकाइमा
(b) आइरेनकाइमा
(c) कोलेनकाइमा
(d) पैरेनकाइमा
Ans. कोलेनकाइमा
[RRB Group-D, 31-10-2018 Shift-2]
Explain: कोलेनकाइमा (स्थूलकोण ऊतक) की कोशिकाएं जीवित और लंबी होती हैं। इनके कोनों पर सेलुलोज और पेक्टिन का जमाव होने के कारण ये अनियमित रूप से मोटी हो जाती हैं। यह ऊतक पौधों के नए अंगों को लचीलापन और यांत्रिक शक्ति प्रदान करता है।
32. सीव ट्यूब और सह कोशिकाएं मुख्य रूप से ———— के संचरण के लिए उत्तरदायी होती हैं।
(a) पत्ते में पानी
(b) मानव शरीर में भोजन
(c) पौधों में भोजन
(d) पौधों में सूर्य के प्रकाश
Ans. पौधों में भोजन
[RRB Group-D, 05-10-2018 Shift-3]
Explain: सीव ट्यूब (चालनी नलिकाएं) और सह कोशिकाएं फ्लोएम ऊतक के मुख्य भाग हैं। इनका प्राथमिक कार्य पत्तियों में बने कार्बनिक भोजन को पौधे के अन्य संचयन अंगों और वृद्धि क्षेत्रों तक पहुंचाना है। जाइलम इसके विपरीत जल का संवहन करता है।
33. ———— के जमाव के कारण दृढ़ ऊतक की कोशिका भित्तियाँ मोटी होती हैं।
(a) लिग्निन
(b) क्यूटिकल (उपचर्म)
(c) पेक्टिन
(d) सुबेरिन
Ans. लिग्निन
[RRB Group-D, 13-12-2018 Shift-2]
Explain: दृढ़ ऊतक (Sclerenchyma) की कोशिका भित्ति लिग्निन के जमाव के कारण बहुत मोटी और कठोर होती है। लिग्निन एक प्राकृतिक जटिल बहुलक है जो कोशिकाओं को मजबूती प्रदान करता है और उन्हें जल के प्रति अपारगम्य बनाता है, जिससे कोशिकाएं अक्सर मृत हो जाती हैं।
34. निम्न में से कौन सा विकल्प तने और जड़ों के शीर्ष पर पाया जाता है ?
(a) शीर्ष विभज्योतक
(b) पैरेन्काइमा
(c) स्क्लेरेनकाइमा
(d) पाश्र्व विभज्योतक
Ans. शीर्ष विभज्योतक
[RRB Group-D, 12-10-2018 Shift-1]
Explain: शीर्षस्थ विभज्योतक (Apical Meristem) जड़ों और तनों के वृद्धि वाले शीर्ष भागों में पाया जाता है। यह निरंतर कोशिका विभाजन द्वारा पौधे की लंबाई में वृद्धि के लिए जिम्मेदार होता है। इसे प्राथमिक वृद्धि का मुख्य कारक माना जाता है।
35. निम्न में से किस ऊतक में कठोर कोशिका भित्ति पायी जाती है ?
(a) एरेनकाइमा
(b) पेरेनकाइमा
(c) स्क्लेरेनकाइमा
(d) कोलेनकाइमा
Ans. स्क्लेरेनकाइमा
[RRB Group-D, 01-10-2018 Shift-1]
Explain: स्क्लेरेनकाइमा (दृढ़ ऊतक) में अत्यंत कठोर और मोटी कोशिका भित्ति पाई जाती है। यह लिग्निन के कारण संभव होता है। यह ऊतक पौधे को यांत्रिक सहारा और मजबूती देता है। नारियल के बाहरी रेशेदार छिलके इसी ऊतक के बने होते हैं।
36. ————- के कारण स्क्लेरेनकाइमा कोशिकाओं की दीवार मोटी होती हैं।
(a) पेक्टिन
(b) लिग्निन
(c) हेमी सैलूलोज
(d) सैलूलोज
Ans. लिग्निन
[RRB Group-D, 18-09-2018 Shift-2]
Explain: स्क्लेरेनकाइमा कोशिकाओं की दीवारें लिग्निन नामक रासायनिक पदार्थ के जमाव के कारण मोटी हो जाती हैं। लिग्निन कोशिकाओं को सीमेंट जैसी मजबूती प्रदान करता है। इन कोशिकाओं में कोई आंतरिक स्थान नहीं होता और ये प्रायः मृत अवस्था में पाई जाती हैं।
37. निम्न में से कौन सा सरल स्थायी ऊतक नहीं है ?
(a) जीवितक
(b) जाइलम
(c) कोलेनकाइमा
(d) स्क्लेरेनकाइमा
Ans. जाइलम
[RRB Group-D, 18-09-2018 Shift-1]
Explain: जाइलम एक जटिल स्थायी ऊतक है क्योंकि यह एक से अधिक प्रकार की कोशिकाओं (वाहिकाएं, वाहिनिकाएं आदि) से बना होता है। पैरेन्काइमा, कोलेनकाइमा और स्क्लेरेनकाइमा सरल स्थायी ऊतक हैं क्योंकि इनकी संरचना एक ही प्रकार की कोशिकाओं से होती है।
38. निम्नलिखित में से कौन सा एक सरल स्थायी ऊतक नहीं है ?
(a) कॉलेनकाइमा
(b) शीर्षस्थ विभज्योतक
(c) जाइलम
(d) केंबियम
Ans. जाइलम
[RRB Group-D, 19-09-2018 Shift-1]
Explain: जाइलम और फ्लोएम को जटिल स्थायी ऊतक की श्रेणी में रखा जाता है। सरल स्थायी ऊतकों में केवल एक ही प्रकार की कोशिकाएं कार्य करती हैं, जबकि जाइलम जल परिवहन के लिए विभिन्न प्रकार की विशिष्ट कोशिकाओं का समन्वय करता है।
39. निम्नलिखित में से कौन सा ऊतक मुख्य रूप से मृत कोशिकाओं से बना है ?
(a) जाइलम
(b) पैरेन्काइमा
(c) कोलेनकाइमा
(d) एरेनकाइमा
Ans. जाइलम
[RRB Group-D, 01-10-2018 Shift-3]
Explain: जाइलम ऊतक का अधिकांश भाग (वाहिकाएं, वाहिनिकाएं और जाइलम तंतु) मृत कोशिकाओं से बना होता है, केवल जाइलम पैरेन्काइमा जीवित होता है। यह ऊतक पौधों में जल और खनिजों के उर्ध्वगामी परिवहन के लिए एक मजबूत पाइपलाइन की तरह कार्य करता है।
40. निम्नलिखित में से कौन से ऊतक का अन्तरकोशिकीय क्षेत्र बड़ा होता है ?
(a) पैरेनकाइमा
(b) कॉलेनकाइमा
(c) स्क्लेरेनकाइमा
(d) जाइलम
Ans. पैरेनकाइमा
[RRB Group-D, 22-09-2018 Shift-2]
Explain: पैरेनकाइमा (मृदूतक) की कोशिकाएं कम विशिष्ट होती हैं और उनके बीच काफी अधिक अन्तरकोशिकीय स्थान (Intercellular space) पाया जाता है। इनकी कोशिका भित्ति पतली होती है और ये मुख्य रूप से भोजन के भंडारण का कार्य करती हैं।
41. ————- ऊतक एकमात्र पादप ऊतक है जो कोशिका विभाजन द्वारा नई कोशिकाओं का उत्पादन करता है।
(a) मृदूतक या पेरेनकाइमा
(b) स्थूलकोण ऊतक या कोलेंकाइमा
(c) विभज्योतक या मेरीस्टेमेटीक
(d) जाइलम
Ans. विभज्योतक या मेरीस्टेमेटीक
[RRB Group-D, 11-12-2018 Shift-2]
Explain: विभज्योतक (Meristematic tissue) पौधों में पाया जाने वाला वह ऊतक है जिसकी कोशिकाएं जीवनभर विभाजित होने की क्षमता रखती हैं। इसी विभाजन के कारण पौधे की लंबाई और मोटाई में वृद्धि होती है। अन्य स्थायी ऊतक इसी से विकसित होते हैं।
42. पौधों के तनों में छल्लों के रूप में पायी जाने वाली आकृति, जो उनकी वृद्धि में सहायक होती है, में निम्न में से कौन से ऊतक पाये जाते हैं ?
(a) लैटरल मेरिस्टेमैटिक ऊतक
(b) कॅबियम
(c) एपिकल मेरिस्टेमैटिक ऊतक
(d) वर्टिकल मेरिस्टेमैटिक ऊतक
Ans. लैटरल मेरिस्टेमैटिक ऊतक
[RRB Group-D, 23-10-2018 Shift-2]
Explain: लैटरल मेरिस्टेमैटिक ऊतक (पार्श्व विभज्योतक) तने और जड़ों की परिधि में पाया जाता है। यह द्वितीयक वृद्धि के लिए जिम्मेदार होता है, जिससे तने की चौड़ाई या मोटाई (घेरा) बढ़ती है। कैम्बियम इसी प्रकार के ऊतक का एक उदाहरण है।
43. निम्नलिखित में से कौन सा ऊतक जड़ों से खाद्य पदार्थों का परिसंचरण करता है ?
(a) ग्राउंड टिश्यू
(b) जाइलम
(c) फ्लोएम
(d) कैम्बियम
Ans. जाइलम
[RRB Group-D 11-10-2018 Shift-1]
Explain: जाइलम ऊतक जड़ों द्वारा अवशोषित जल और खनिज लवणों (खाद्य तत्वों) को पौधे के विभिन्न भागों तक पहुँचाता है। फ्लोएम पत्तियों द्वारा तैयार शर्करा का परिवहन करता है। प्रश्न में ‘खाद्य पदार्थों’ का तात्पर्य खनिज युक्त जल के संवहन से है।
44. ———— ऊतक की कोशिकाएँ अलग-अलग प्रकार के स्थायी ऊतक बनाने के लिए पृथक होती है।
(a) स्थूलकोण ऊतक
(b) मृदूतक
(c) विभज्योतक
(d) दृढ़ ऊतक
Ans. विभज्योतक
[RRB Group-D 10-12-2018 Shift-1]
Explain: विभज्योतक (Meristematic) ऊतक की कोशिकाएं जब विभाजन की शक्ति खो देती हैं और विशिष्ट कार्य करने लगती हैं, तो वे स्थायी ऊतक (Permanent Tissue) में बदल जाती हैं। इस प्रक्रिया को ‘विभेदीकरण’ कहा जाता है।
45. कोलेन्काइमा ऊतक की कोशिकाएँ ———— से कोनों पर मोटी हो जाती है।
(a) पेक्टिन और काइटिन
(b) सुबेरिन और सैलूलोज
(c) सैलूलोज और पेक्टिन
(d) लिग्निन और कटिन
Ans. सैलूलोज और पेक्टिन
[RRB Group-D, 10-12-2018 Shift-1]
Explain: कोलेन्काइमा कोशिकाओं के कोनों पर सैलूलोज, हेमी-सैलूलोज और पेक्टिन का जमाव होता है। यह जमाव यांत्रिक शक्ति प्रदान करता है और पौधों को बिना टूटे झुकने की क्षमता देता है। यह जमाव असमान और कोनों पर अधिक होता है।
46. रूट टिप या शूट टिप में कौन सा ऊतक पाया जाता है ?
(a) सीव ट्यूब
(b) स्क्लेरेनकाइमा
(c) फ्लोएम ऊतक
(d) विभज्योतक ऊतक
Ans. विभज्योतक ऊतक
[RRB Group-D, 08-10-2018 Shift-1]
Explain: रूट टिप (जड़ का शीर्ष) और शूट टिप (तने का शीर्ष) में विभज्योतक ऊतक (Meristematic Tissue) पाया जाता है। इस ऊतक की कोशिकाएं निरंतर विभाजित होती रहती हैं, जिससे पौधे की लंबाई में वृद्धि होती है। इसे शीर्षस्थ विभज्योतक भी कहा जाता है।
47. ———– के कारण जड़ तथा तने के घेरे (girth) में वृद्धि होती है-
(a) पैरेनकाइमा
(b) पाश्र्व विभज्योतक
(c) अन्तर्वेशी विभज्योतक
(d) शीर्षस्थ विभज्योतक
Ans. पाश्र्व विभज्योतक
[RRB Group-D, 04-10-2018 Shift-2]
Explain: पाश्र्व विभज्योतक (Lateral Meristem) के कारण जड़ और तने की चौड़ाई या घेरे में वृद्धि होती है। इसे द्वितीयक वृद्धि (Secondary Growth) कहा जाता है। कैम्बियम और कॉर्क कैम्बियम इसके प्रमुख उदाहरण हैं, जो वृक्षों के तनों को मोटा बनाते हैं।
48. तने या जड़ का घेरा ———– के कारण बढ़ता है।
(a) कैलरी विभज्योतक
(b) पार्श्व (लेटरल) विभज्योतक
(c) शीर्षस्थ (एपिकल) विभज्योतक
(d) मध्यस्थित (इंटरकैलरी) विभज्योतक
Ans. पार्श्व (लेटरल) विभज्योतक
[RRB Group-D, 06-12-2018 Shift-2]
Explain: पार्श्व या लेटरल विभज्योतक तने और जड़ के पार्श्व भाग में स्थित होता है। यह विभाजन के माध्यम से संवहनी ऊतकों का निर्माण करता है, जिससे पौधे के व्यास में वृद्धि होती है। यह ऊतक मुख्य रूप से द्विबीजपत्री पौधों और जिम्नोस्पर्म में पाया जाता है।
49. अग्रस्थ मेरिस्टेम ———– के शीर्ष (विकसित होती शिखा) पर पाया जाता है-
(a) तना और जड़ें
(b) शाखा और जड़ें
(c) पत्ता और जड़
(d) जड़
Ans. तना और जड़ें
[RRB Group-D, 11-10-2018 Shift-3]
Explain: अग्रस्थ या शीर्षस्थ मेरिस्टेम (Apical Meristem) मुख्य रूप से तने और जड़ों के शीर्ष पर स्थित होता है। यह पौधे की प्राथमिक वृद्धि के लिए उत्तरदायी है। इसकी सक्रियता से कोशिकाएं विभाजित होकर पौधे के अंगों की लंबाई बढ़ाती हैं।
50. एरियोलर ऊतक अंगों के ———- स्थान भरता है, ———- अंगों को सहारा देता है और ऊतकों की मरम्मत करता है।
(a) अंदर के; आंतरिक
(b) बाहर के; बाह्य
(c) बाहर के आंतरिक
(d) अंदर के बाह्य
Ans. अंदर के; आंतरिक
[RRB Group-D, 04-10-2018 Shift-1]
Explain: एरियोलर ऊतक अंगों के अंदर के खाली स्थान को भरता है और आंतरिक अंगों को सहारा प्रदान करता है। यह ऊतकों की मरम्मत में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। यह त्वचा और मांसपेशियों के बीच तथा रक्त वाहिकाओं के चारों ओर पाया जाता है।
51. ———– की कोशिकाएँ मृत होती है।
(a) वायूतक
(b) दृढ़ ऊतक
(c) स्थूलकोण ऊतक
(d) मृदूतक
Ans. दृढ़ ऊतक
[RRB Group-D, 12-12-2018 Shift-3]
Explain: दृढ़ ऊतक (Sclerenchyma) की कोशिकाएं परिपक्व होने पर मृत हो जाती हैं। इनकी कोशिका भित्ति लिग्निन के जमाव के कारण बहुत मोटी होती है, जिससे कोशिका के अंदर जीवद्रव्य (Protoplasm) नहीं बचता। यह पौधों को यांत्रिक मजबूती और कठोरता प्रदान करता है।
52. वनस्पति ऊतक का ———— परिपक्वता पर जीवित प्रोटोप्लाज्मा धारण नहीं करता।
(a) श्वासनलिका
(b) पृष्ठभागीय ऊतक
(c) दृढ़ ऊतक
(d) स्थूल
Ans. दृढ़ ऊतक
[RRB Group-D, 05-10-2018 Shift-2]
Explain: दृढ़ ऊतक (Sclerenchyma) परिपक्वता प्राप्त करने पर अपना जीवित प्रोटोप्लाज्मा खो देता है। प्रोटोप्लाज्मा के अभाव में ये कोशिकाएं मृत कहलाती हैं। यह ऊतक पौधे के उन भागों में पाया जाता है जिन्हें अधिक मजबूती की आवश्यकता होती है, जैसे बीजों के कठोर आवरण।
53. अन्तर्वेशी विभज्योतक पाये जाते हैं-
(a) वर्धनीय तनों के ऊपरी हिस्से में
(b) वर्धनीय जड़ों के ऊपरी हिस्से में
(c) पत्तियों के तल में
(d) वर्धनीय पत्तियों के ऊपरी हिस्से में
Ans. पत्तियों के तल में
[RRB Group-D, 01-10-2018 Shift-2]
Explain: अन्तर्वेशी विभज्योतक (Intercalary Meristem) पत्तियों के आधार या टहनियों के पर्व (Internodes) के दोनों ओर पाए जाते हैं। यह ऊतक उन भागों की वृद्धि में सहायक होता है जिन्हें शाकाहारी पशु खा जाते हैं, जैसे कि घास में फिर से वृद्धि होना।
54. मेरिस्टेमैटिक ऊतक एक विशेष भूमिका निभाते है और अपनी विभाजित करने की क्षमता को त्याग देते है और तब ———— बनाते है।
(a) स्थाई उत्तक
(b) सहयोगी तंतु
(c) छलनी नली कोशिका
(d) RBC
Ans. स्थाई उत्तक
[RRB Group-D, 03-10-2018 Shift-3]
Explain: मेरिस्टेमैटिक (विभज्योतक) ऊतक की कोशिकाएं जब विभाजित होने की क्षमता खो देती हैं और एक निश्चित आकार तथा कार्य ग्रहण कर लेती हैं, तो वे स्थाई ऊतक (Permanent Tissue) बन जाती हैं। इस विशिष्ट प्रक्रिया को विभेदीकरण (Differentiation) कहा जाता है।
55. पौधों में उस ऊतक का नाम क्या है, जो जड़ों से पौधों के अन्य हिस्सों में पानी और खनिज पहुंचाता है ?
(a) कॅबियम
(b) जाइलम
(c) मेरिस्टेमैटिक ऊतक
(d) फ्लोएम
Ans. जाइलम
[RRB Group D, 16-11-2018 Shift-3]
Explain: जाइलम पौधों का एक संवहनी ऊतक है जिसका कार्य जड़ों द्वारा अवशोषित जल और खनिज लवणों को तने और पत्तियों तक पहुँचाना है। यह एक जटिल स्थायी ऊतक है जो मुख्य रूप से मृत कोशिकाओं से बना होता है और पौधों को मजबूती भी देता है।
56. निम्न में से कौन-सा ऊतक युग्म संवहनी बंडल का गठन करता है ?
(a) मृदूतक और स्थूलकोण ऊतक
(b) जाइलम और फ्लोएम
(c) दृढ़ ऊतक और फ्लोएम
(d) दृढ़ ऊतक और जाइलम
Ans. जाइलम और फ्लोएम
[RRB Group-D, 02-11-2018 Shift-1]
Explain: जाइलम और फ्लोएम मिलकर संवहनी बंडल (Vascular Bundle) का निर्माण करते हैं। जाइलम जल का संवहन करता है जबकि फ्लोएम भोजन का परिवहन करता है। इन्हें जटिल ऊतक भी कहा जाता है क्योंकि ये कई प्रकार की विशिष्ट कोशिकाओं से बने होते हैं।
57. ———– एक जटिल स्थायी ऊतक है।
(a) जाइलम
(b) पैरेन्काइमा
(c) स्क्लेरेनकाइमा
(d) कोलेनकाइमा
Ans. जाइलम
[RRB Group-D, 18-09-2018 Shift-3]
Explain: जाइलम को एक जटिल स्थायी ऊतक माना जाता है क्योंकि यह चार अलग-अलग प्रकार की कोशिकाओं (वाहिनिकाएं, वाहिकाएं, जाइलम पैरेन्काइमा और जाइलम तंतु) से मिलकर बना होता है। यह ऊतक पौधों में जल के संवहन के साथ यांत्रिक सहारा भी प्रदान करता है।
58. ——— सामान्य स्थायी ऊतक नहीं है।
(a) दृढ़ ऊतक (स्क्लेरेनकाइमा)
(b) मृदूतक (पैरेनकाइमा)
(c) स्थूलकोण ऊतक (कोलेनकाइमा)
(d) जाइलम
Ans. जाइलम
[RRB Group-D, 12-11-2018 Shift-3]
Explain: जाइलम एक जटिल स्थायी ऊतक है, न कि सामान्य (सरल) स्थायी ऊतक। सरल स्थायी ऊतक (मृदूतक, स्थूलकोण ऊतक, दृढ़ ऊतक) एक ही प्रकार की कोशिकाओं से बने होते हैं, जबकि जटिल ऊतक विभिन्न प्रकार की कोशिकाओं के समूह से बनते हैं।
59. साधारण स्थायी ऊतकों के तीन प्रकार हैं-
(a) पेरेनकाइमा, कम्पेनियन सेल और स्क्लेरेनकाइमा
(b) पेरेनकाइमा कोलेनकाइमा और मेरिस्टेम
(c) पेरेनकाइमा कोलेनकाइमा और स्क्लेरेनकाइमा
(d) फ्लोएम, कोलेनकाइमा और स्क्लेरेनकाइमा
Ans. पेरेनकाइमा कोलेनकाइमा और स्क्लेरेनकाइमा
[RRB Group-D, 22-10-2018 Shift-3]
Explain: संरचना और कार्य के आधार पर सरल स्थायी ऊतकों को तीन श्रेणियों में विभाजित किया गया है: पेरेनकाइमा (मृदूतक), कोलेनकाइमा (स्थूलकोण ऊतक) और स्क्लेरेनकाइमा (दृढ़ ऊतक)। ये ऊतक समान कोशिकाओं से बने होते हैं जो विशिष्ट कार्यों के लिए अनुकूलित होती हैं।
60. किस प्रकार के ऊतक में एकसमान कार्य करने वाली विभिन्न प्रकार की कोशिकाएँ होती हैं ?
(a) एपिडर्मल ऊतक
(b) जटिल ऊतक
(c) मेरिस्टेमैटिक ऊतक
(d) तंत्रिकीय ऊतक
Ans. जटिल ऊतक
[RRB Group-D, 05-10-2018 Shift-1]
Explain: जटिल ऊतक (Complex Tissue) में एक से अधिक प्रकार की कोशिकाएं होती हैं, जो मिलकर एक इकाई के रूप में समान कार्य करती हैं। पादपों में जाइलम और फ्लोएम इसके प्रमुख उदाहरण हैं। ये ऊतक मुख्य रूप से परिवहन और संवहन का कार्य करते हैं।
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